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!!Aaoge Kab!!

Waadiyon me nikalti ye shaam,
Yaad dilati hai tera naam..
Zarre zarre pe likh jaati hai,
Tere saath hi judenga mera naam..

come_back_my_life_by_stormofdestiny

Wafaao ki iss hawa me,
Dhund lo hame pyar me..
Keh gaye woh,
Pehchaan lo hume chahto me..

Miss-You-Wallpapers-5

Behti hui dariyaan ki lehre puchti  hai ab,
Laut ke aaoge kab..
Bewajah hi sahi,
Hame rulaoge kab..

Puchti hai meri dhadkaane tum aaoge kab..
Iss jism me jaan bann ke samaaoge kab..

Puchti hai meri dhadkaane tum aaoge kab..
Iss jism me jaan bann ke samaaoge kab..

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Posted in RISHTA, SHAADI, SHAYARI, ZINDAGI

-बिंदी-

तेरे माथे की वोह बिंदी हमसे कहना चाहे कुछ,
जज़्बात बयां करने से डरती है पर सुनना चाहे बोहोत कुछ,
बिंदी बैठी है जहाँ ; चूमा करते थे उन्हें हम वहां,
हठा के देखो उससे ; धुन्धले से प्यार के निशाँ नज़र आएंगे कुछ,
केहती है दे चुके सब ; देने को नहीं अब कुछ।।

130565542

देखते है जिन्हें सपनों में हम ; मीलती है तुम्हारी सूरत उनसे कुछ,
आँखे शरमाती है और धड़कने भड़ जाती है कुछ,
देखती है वोह बिंदी मुझे एक ठक ; चल ना पाओगे मेरे साथ दुर्र तक,
समझो ना इससे नादान सा इशारा ; जानती है वोह बिंदी तुम्हारे राज़ बोहोत कुछ,
कब तक दबा के रखोगे उन् ख़यालो को ; कह दो अब सब कुछ।।

Indian-bindi

वीरानियाँ हो गई है दिल में ; लगता नहीं सिंदूर मांग में अब कुछ,
मौत की ग़ोद में बैठे थे वोह ; जाते जाते लूटा गये सब कुछ,
बिंदी निहारती है जिससे ; छोड़ गए वोह कोई समझाए इस्से,
कहने सुनने को बचा नहीं अब कुछ,
केहती है बिंदी धुन्दला गई है नज़र ; दिखाई ना देगा अब कुछ।।